मारुति सुज़ुकी इंडिया लिमिटेड (MSIL) ने घोषणा की है कि उसके बोर्ड ने मेमोरेंडम ऑफ़ एसोसिएशन (MoA) के ऑब्जेक्ट क्लॉज़ में बदलाव को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से कंपनी अब पारंपरिक ऑटोमोबाइल निर्माण से आगे बढ़कर नए क्षेत्रों में कदम रख सकेगी।

संशोधित MoA के तहत मारुति सुज़ुकी अब ड्रोन, मानव रहित हवाई वाहन (UAV), जल-थल दोनों में चलने वाले वाहन और अन्य आधुनिक परिवहन साधनों का निर्माण कर सकेगी। इसके अलावा कंपनी इलेक्ट्रिक, हाइड्रोजन और बायोफ्यूल आधारित प्रणालियों पर भी काम कर सकेगी।

नई योजना के अनुसार, कंपनी वाहन लीजिंग, सब्सक्रिप्शन आधारित मोबिलिटी, पुरानी कारों की बिक्री और EV चार्जिंग ढांचे के विकास जैसे सेवाओं में भी प्रवेश करेगी। यह कदम सतत और साझा परिवहन की दिशा में मारुति की रणनीति को दर्शाता है।

इसके अतिरिक्त, कंपनी अब परामर्श सेवाएं, आईटी समाधान, अनुसंधान एवं विकास, लॉजिस्टिक्स सपोर्ट और वाहन रीसाइक्लिंग जैसे क्षेत्रों में भी काम कर सकेगी। साथ ही, वह कार्बन क्रेडिट और अक्षय ऊर्जा सर्टिफिकेट्स में भी व्यापार कर सकेगी। इन बदलावों पर अंतिम निर्णय 28 अगस्त 2025 को होने वाली सालाना आम बैठक (AGM) में लिया जाएगा।