यूरोपीय संघ (EU) ने सोशल मीडिया दिग्गज Meta Platforms पर गंभीर सवाल उठाए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी अपने ही नियमों का पालन कराने में विफल रही है, खासकर 13 साल से कम उम्र के बच्चों को प्लेटफॉर्म से दूर रखने के मामले में। Meta के स्वामित्व वाले Facebook और Instagram पर नाबालिग यूजर्स की मौजूदगी को लेकर चिंता जताई गई है।

Meta की अपनी शर्तों और नीतियों के अनुसार, इन प्लेटफॉर्म्स का उपयोग करने के लिए न्यूनतम आयु 13 वर्ष निर्धारित है। इसके बावजूद, जांच में पाया गया कि बड़ी संख्या में 13 साल से कम उम्र के बच्चे इन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। ईयू का मानना है कि कंपनी उम्र सत्यापन (age verification) के प्रभावी उपाय लागू करने में असफल रही है।

इस मुद्दे को लेकर यूरोपीय नियामकों ने कहा है कि बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। नाबालिगों की डिजिटल सुरक्षा को लेकर नियमों को और सख्त बनाने पर विचार किया जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, कम उम्र में सोशल मीडिया के उपयोग से मानसिक स्वास्थ्य, गोपनीयता और ऑनलाइन सुरक्षा से जुड़े जोखिम बढ़ जाते हैं।

ईयू के अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया है कि यदि Meta ने स्थिति में सुधार नहीं किया, तो कंपनी के खिलाफ कड़े कदम उठाए जा सकते हैं। इसमें भारी जुर्माना और सख्त नियामक कार्रवाई शामिल हो सकती है। यह कदम यूरोप में लागू डिजिटल सुरक्षा कानूनों के तहत उठाया जा सकता है, जिनका उद्देश्य उपयोगकर्ताओं, विशेषकर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

दूसरी ओर, Meta का कहना है कि वह बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर है और उम्र सत्यापन के लिए नई तकनीकों पर काम कर रहा है। कंपनी ने यह भी दावा किया है कि वह अभिभावकों के लिए अधिक नियंत्रण और निगरानी के विकल्प उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास कर रही है।

हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि केवल नीतियां बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन की भी जरूरत है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके सिस्टम में ऐसे मजबूत तंत्र हों, जो नाबालिगों को प्लेटफॉर्म तक पहुंचने से रोक सकें।

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