रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर और रिलायंस पावर ने बुधवार को अपने बोर्ड की बैठक में विभिन्न वित्तीय साधनों के माध्यम से प्रत्येक कंपनी 9,000 करोड़ रुपये तक जुटाने की मंजूरी दे दी है। यह फंड जुटाने का कदम कंपनी के विस्तार और मौजूदा प्रोजेक्ट्स को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
दोनों कंपनियों का लक्ष्य इस राशि का उपयोग नई परियोजनाओं में निवेश, कर्ज कम करने और वित्तीय स्थिति को बेहतर बनाने में करना है। वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से कंपनियों की पूंजी संरचना मजबूत होगी और बाजार में उनकी स्थिति और बेहतर होगी।
रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर और रिलायंस पावर ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की प्रमुख कंपनियां हैं, जो भारत में कई बड़े पावर और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही हैं। दोनों कंपनियों के इस निर्णय से निवेशकों के बीच सकारात्मक प्रतिक्रिया की उम्मीद है।
