एशिया कप 2025 से पहले ड्रीम11 ने भारतीय क्रिकेट टीम के लीड स्पॉन्सर पद से हटने का फैसला किया है। इस बारे में जानकारी BCCI सेक्रेटरी देवजीत साइकिया ने 25 अगस्त को दी। उन्होंने कहा कि अब BCCI और ड्रीम11 का करार खत्म हो गया है, क्योंकि सरकार ने ऑनलाइन रियल-मनी गेमिंग पर प्रतिबंध लगाने वाला बिल पारित कर दिया है। साइकिया ने साफ किया कि भविष्य में बोर्ड ऐसी किसी भी कंपनी के साथ साझेदारी नहीं करेगा।
ड्रीम11 ने 2023 में BCCI के साथ तीन साल का स्पॉन्सरशिप कॉन्ट्रैक्ट किया था, जिसकी कुल वैल्यू ₹358 करोड़ थी। हालांकि, इस करार में एक विशेष क्लॉज जोड़ा गया था, जिसके अनुसार यदि सरकार का कोई कानून स्पॉन्सर के मुख्य बिजनेस को प्रभावित करता है तो कंपनी पर जुर्माना नहीं लगेगा। इसी कारण ड्रीम11 को अनुबंध समय से पहले खत्म करने के बावजूद कोई पेनल्टी नहीं देनी होगी।
ड्रीम11 के CEO हर्ष जैन ने कर्मचारियों को बताया कि नए कानून के बाद रियल-मनी गेमिंग जारी रखना कानूनी रूप से संभव नहीं है। चूंकि कंपनी की 67% कमाई फैंटेसी क्रिकेट जैसे रियल-मनी गेमिंग से आती थी, इसलिए इसे बंद करने का निर्णय लिया गया है। अब कंपनी अपने नॉन-रियल मनी गेमिंग वेंचर्स पर फोकस करेगी।
BCCI के नए स्पॉन्सरशिप के लिए टाटा ग्रुप, रिलायंस और अडाणी ग्रुप को मजबूत दावेदार माना जा रहा है। टाटा पहले से ही IPL का ऑफिशियल स्पॉन्सर है, रिलायंस जियो स्पोर्ट्स स्पॉन्सरशिप और ब्रॉडकास्टिंग में सक्रिय है, जबकि अडाणी ग्रुप ने भी खेल क्षेत्र में बड़े निवेश किए हैं।
