ई-कॉमर्स दिग्गज Amazon ने नकली सामान और फर्जी विक्रेताओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 2025 में 32,000 से अधिक “bad actors” पर शिकंजा कसा है। कंपनी ने अपनी पहली “Trustworthy Shopping Experience Report” में बताया कि उसने इस दौरान 1.5 करोड़ (15 million) से ज्यादा नकली उत्पादों को जब्त कर नष्ट किया।
Amazon के मुताबिक, यह कार्रवाई उसके Counterfeit Crimes Unit (CCU) के जरिए की गई, जो दुनियाभर में नकली सामान बेचने वाले नेटवर्क पर नजर रखती है। कंपनी ने बताया कि 2020 से अब तक उसने 14 देशों में 32,000 से अधिक संदिग्धों के खिलाफ मुकदमे और आपराधिक शिकायतें दर्ज कराई हैं।
कंपनी ने अपनी रणनीति को चार प्रमुख स्तंभों पर आधारित बताया है—प्रोएक्टिव कंट्रोल, एडवांस रिस्क डिटेक्शन टूल्स, दोषियों को जवाबदेह बनाना और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ सहयोग। इन उपायों के जरिए Amazon नकली प्रोडक्ट्स को प्लेटफॉर्म पर आने से पहले ही रोकने की कोशिश कर रहा है।
रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ कि कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का व्यापक इस्तेमाल कर रही है। AI की मदद से Amazon लाखों लिस्टिंग्स की निगरानी करता है और संदिग्ध गतिविधियों को शुरुआती चरण में ही पकड़ लेता है। एक उदाहरण में कंपनी ने किसी वायरल प्रोडक्ट की नकली लिस्टिंग्स को ब्रांड के शिकायत करने से 8 दिन पहले ही ब्लॉक कर दिया था।
इसके अलावा, Amazon ने प्लेटफॉर्म पर नए विक्रेताओं के लिए सख्त वेरिफिकेशन प्रक्रिया भी लागू की है। अब हर नए सेलर को बेचने की अनुमति मिलने से पहले पहचान और दस्तावेजों की जांच से गुजरना पड़ता है। इससे फर्जी विक्रेताओं की एंट्री को रोकने में मदद मिल रही है।
कंपनी ने फेक रिव्यू और ऑनलाइन स्कैम के खिलाफ भी कार्रवाई तेज की है। 2025 में Amazon ने 100 से ज्यादा ऐसी वेबसाइट्स को बंद कराया, जो नकली रिव्यू या धोखाधड़ी से जुड़ी थीं। साथ ही 40 से अधिक फर्जी रिव्यू ब्रोकरों के नेटवर्क को भी खत्म किया गया।
Amazon का कहना है कि वह हर हफ्ते करीब 9 करोड़ (90 million) ग्राहक इंटरैक्शन—जैसे रिव्यू, शिकायत और कस्टमर सर्विस डेटा—का विश्लेषण करता है, ताकि समस्याओं की पहचान कर उन्हें तुरंत हल किया जा सके।
इसके अलावा कंपनी का “Transparency Programme” भी तेजी से बढ़ रहा है, जिसके तहत 90,000 से अधिक ब्रांड्स जुड़ चुके हैं और 2.7 अरब से ज्यादा प्रोडक्ट्स को असली (genuine) के रूप में सत्यापित किया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ई-कॉमर्स सेक्टर में नकली सामान एक बड़ी चुनौती बना हुआ है, जिससे ग्राहकों और ब्रांड्स दोनों को नुकसान होता है। ऐसे में Amazon की यह पहल उपभोक्ताओं के भरोसे को बनाए रखने और ऑनलाइन शॉपिंग को सुरक्षित बनाने में अहम भूमिका निभा सकती है।
कुल मिलाकर, 2025 में Amazon की यह कार्रवाई दिखाती है कि कंपनी टेक्नोलॉजी, कानून और वैश्विक सहयोग के जरिए नकली सामान के खिलाफ अपनी लड़ाई को और मजबूत कर रही है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अन्य ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म भी इस दिशा में कैसे कदम उठाते हैं।
