बिसलेरी इंटरनेशनल प्रा. लि. ने ताडोबा अंधारी टाइगर रिजर्व के साथ मिलकर प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन और सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से सतत संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए साझेदारी की है। यह पहल जैव विविधता को संरक्षित करने के साथ-साथ पर्यटकों को पर्यावरण अनुकूल व्यवहार के प्रति जागरूक करने का उद्देश्य रखती है।

इस परियोजना के तहत जंगल की सड़कों पर जागरूकता फैलाने वाले डिस्प्ले बोर्ड लगाए गए हैं। साथ ही, उपयोग की गई पीईटी बोतलों के ढक्कनों से बनाए गए ग्रीन बेंच और प्लास्टिक संग्रहण डिब्बे भी लगाए गए हैं ताकि स्रोत पर ही कचरे को अलग किया जा सके और उसका पुनर्चक्रण सुनिश्चित किया जा सके। ये प्रयास ताडोबा में आने वाले बड़ी संख्या में पर्यटकों के लिए जागरूकता के केंद्र के रूप में कार्य करेंगे।

बिसलेरी इंटरनेशनल के डायरेक्टर – सस्टेनेबिलिटी एंड कॉर्पोरेट अफेयर्स, श्री के. गणेश ने कहा, “ताडोबा अंधारी टाइगर रिजर्व के साथ हमारी साझेदारी बिसलेरी की सततता के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है। रिजर्व में प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन जैव विविधता को संरक्षित करने और सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”

इस साझेदारी के अतिरिक्त, बिसलेरी चेन्नई, सवाई माधोपुर, मुंबई और गोवा जैसे शहरों में स्थानीय स्व-सहायता समूहों (SHGs) द्वारा संचालित मटेरियल रिकवरी सेंटर्स चला रही है, जिससे प्लास्टिक कचरे का कुशलतापूर्वक संग्रहण, पृथक्करण और पुनर्चक्रण सुनिश्चित किया जा सके। यह सहयोग बिसलेरी के प्लास्टिक के सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा देने और भारत की जैव विविधता से भरपूर क्षेत्रों की रक्षा करने के व्यापक उद्देश्य को दर्शाता है।