इंदौर में बढ़ती गर्मी का असर अब शहर के अनौपचारिक (इन्फॉर्मल) सेक्टर पर साफ तौर पर दिखाई देने लगा है। खासतौर पर दोपहर के समय स्ट्रीट वेंडर्स, छोटे दुकानदारों और दिहाड़ी मजदूरी से जुड़े लोगों के कामकाज में भारी गिरावट दर्ज की जा रही है। तापमान में लगातार हो रही बढ़ोतरी और तेज धूप के कारण लोग दोपहर के समय बाहर निकलने से बच रहे हैं, जिससे इन व्यवसायों की आमदनी पर सीधा असर पड़ रहा है।
शहर के विभिन्न बाजारों और प्रमुख चौराहों पर दोपहर के समय सन्नाटा देखने को मिल रहा है। जहां पहले दिन के समय ग्राहकों की अच्छी खासी भीड़ रहती थी, अब वहां बहुत कम लोग नजर आते हैं। इसका सबसे ज्यादा असर फुटपाथ पर सामान बेचने वाले विक्रेताओं पर पड़ा है, जिनकी बिक्री का बड़ा हिस्सा दिन के समय पर निर्भर करता है।
दिहाड़ी मजदूरों की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है। तेज गर्मी के कारण वे पूरे दिन काम करने में सक्षम नहीं हैं। कई मजदूर सुबह जल्दी काम शुरू करते हैं और दोपहर होते-होते काम बंद कर देते हैं। इससे उनकी दैनिक आय में कमी आ रही है, जिससे उनके परिवारों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है।
छोटे दुकानदारों का कहना है कि दोपहर के समय दुकान खोलकर बैठना अब घाटे का सौदा बनता जा रहा है। बिजली खर्च, किराया और अन्य खर्च तो जारी रहते हैं, लेकिन बिक्री न होने के कारण मुनाफा कम हो रहा है। इस स्थिति से निपटने के लिए कई दुकानदार अपने काम के समय में बदलाव कर रहे हैं और सुबह तथा शाम के समय ज्यादा ध्यान दे रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति केवल अस्थायी नहीं है, बल्कि यह बदलते मौसम और जलवायु का असर है, जो भविष्य में और अधिक गंभीर हो सकता है। गर्मी के कारण कामकाजी घंटों में बदलाव आ रहा है, जिससे पूरे व्यापारिक ढांचे पर प्रभाव पड़ रहा है।
इसके अलावा, उपभोक्ता व्यवहार में भी बदलाव देखा जा रहा है। लोग अब ऑनलाइन खरीदारी या होम डिलीवरी जैसे विकल्पों की ओर ज्यादा झुकाव दिखा रहे हैं, जिससे पारंपरिक छोटे व्यापारियों को प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है।