रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध एक बार फिर गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। ताज़ा घटनाक्रम में रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव सहित कई प्रमुख शहरों पर बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं, जिससे भारी तबाही हुई है। अधिकारियों के अनुसार, इन हमलों में कई लोगों की मौत हो गई है और सैकड़ों लोग घायल हुए हैं, जबकि कई इलाकों में आग लगने और इमारतों के ढहने की घटनाएं सामने आई हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह हमला इस साल के सबसे घातक हमलों में से एक माना जा रहा है। रूस ने एक ही दिन में सैकड़ों ड्रोन और दर्जनों मिसाइलें दागीं, जिनमें से कई ने अपने लक्ष्य को भेद दिया। यूक्रेन की वायु रक्षा प्रणाली ने बड़ी संख्या में हमलों को नाकाम किया, लेकिन फिर भी कई मिसाइलें और ड्रोन शहरों में गिरने में सफल रहे, जिससे भारी नुकसान हुआ।
कीव में कई रिहायशी इमारतों, कारोबारी प्रतिष्ठानों और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है। जगह-जगह आग लग गई, जिसे बुझाने के लिए राहत और बचाव दल लगातार काम कर रहे हैं। कई लोग मलबे में फंसे हुए बताए जा रहे हैं, जिन्हें निकालने के लिए ऑपरेशन जारी है।
हमले केवल कीव तक सीमित नहीं रहे, बल्कि ओडेसा, ड्नीप्रो और अन्य शहर भी निशाने पर रहे। ओडेसा में सबसे ज्यादा नुकसान की खबर है, जहां कई लोगों की जान गई। इन हमलों ने यह भी दिखाया कि रूस अब यूक्रेन के अलग-अलग क्षेत्रों में एक साथ बड़े पैमाने पर हमले करने की रणनीति अपना रहा है।
यूक्रेन के राष्ट्रपति Volodymyr Zelenskyy ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और इसे नागरिकों के खिलाफ “आतंक” बताया है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से रूस पर दबाव बढ़ाने और सैन्य सहायता तेज करने की अपील की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला युद्ध में एक नई तीव्रता को दर्शाता है। हाल के दिनों में शांति वार्ता की उम्मीदें जताई जा रही थीं, लेकिन इस तरह के हमलों ने उन संभावनाओं को कमजोर कर दिया है।
इस बीच, रूस का दावा है कि उसने सैन्य और ऊर्जा से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया, लेकिन जमीनी रिपोर्ट्स से यह स्पष्ट है कि कई नागरिक क्षेत्र भी प्रभावित हुए हैं। इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रूस की आलोचना और बढ़ गई है।
कुल मिलाकर, कीव और अन्य शहरों पर हुआ यह हमला यूक्रेन युद्ध की गंभीरता को फिर उजागर करता है। लगातार हो रहे ऐसे हमलों के बीच आम नागरिकों की सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता बन गई है, जबकि वैश्विक स्तर पर इस संघर्ष के समाधान की राह और मुश्किल होती नजर आ रही है।