आंध्र प्रदेश में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक नई पहल तेजी से असर दिखा रही है। राज्य में मिलेट आधारित उद्यमों को बढ़ावा देने वाली सरकारी पहल ने गांवों और कस्बों की महिलाओं को रोजगार के नए अवसर प्रदान किए हैं। यह पहल न केवल कृषि और पोषण को जोड़ रही है, बल्कि स्थानीय बाजारों से जुड़कर महिलाओं को सफल उद्यमी बनने का रास्ता भी दिखा रही है।

विशेष रूप से Andhra Pradesh के विभिन्न जिलों में महिलाओं के समूहों को मिलेट उत्पादों के निर्माण और विपणन की ट्रेनिंग दी जा रही है। इसी कड़ी में Visakhapatnam के पेंडुरथी स्थित SVR Industries में आयोजित एक प्रशिक्षण सत्र इसका जीवंत उदाहरण है। यहां लगभग 30 महिलाएं मिलेट आधारित खाद्य उत्पाद बनाना सीख रही हैं।

प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को ज्वार और मूंग दाल के आटे को मिलाकर पोषक नूडल्स बनाने की प्रक्रिया सिखाई गई। सावधानी से पानी मिलाकर आटा गूंथा जाता है, फिर मशीन की मदद से पतली स्ट्रिप्स तैयार की जाती हैं। बाद में इन्हें स्टीम कर करी पत्ते और मूंगफली पाउडर के साथ परोसा जाता है। यह न केवल स्वादिष्ट है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी बेहद फायदेमंद है।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को पारंपरिक कृषि उत्पादों, खासकर मिलेट्स, के माध्यम से आय का स्थायी स्रोत उपलब्ध कराना है। मिलेट्स जैसे ज्वार, बाजरा और रागी कम पानी में उगने वाले और पोषण से भरपूर अनाज हैं, जिनकी मांग अब शहरी बाजारों में भी तेजी से बढ़ रही है।

महिलाओं को केवल उत्पादन ही नहीं, बल्कि पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग की भी जानकारी दी जा रही है। इससे वे अपने उत्पादों को स्थानीय बाजारों के साथ-साथ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी बेचने में सक्षम हो रही हैं। कई स्वयं सहायता समूह अब छोटे स्तर पर व्यवसाय शुरू कर चुके हैं और धीरे-धीरे अपने ब्रांड स्थापित कर रहे हैं।

इस पहल से महिलाओं में आत्मविश्वास भी बढ़ा है। पहले जहां वे घरेलू कार्यों तक सीमित थीं, अब वे आर्थिक रूप से परिवार का सहयोग कर रही हैं और अपने निर्णय खुद ले रही हैं। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की योजनाएं यदि लंबे समय तक निरंतर जारी रहती हैं, तो यह न केवल महिलाओं के सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी, बल्कि पोषण और स्वास्थ्य के स्तर को भी बेहतर बनाएंगी। मिलेट आधारित उद्यम आने वाले समय में ग्रामीण भारत की अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बन सकते हैं।

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