भारत की प्रमुख टायर निर्माता कंपनी MRF ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (Q4) में शानदार वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है। कंपनी का एकीकृत शुद्ध लाभ (net profit) 38 प्रतिशत बढ़कर ₹702.25 करोड़ पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में ₹510.5 करोड़ था। कंपनी की मजबूत बिक्री और बढ़ते राजस्व ने इस प्रदर्शन को समर्थन दिया।
कंपनी द्वारा जारी वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में परिचालन से आय (revenue from operations) बढ़कर ₹8,044.22 करोड़ रही, जबकि एक साल पहले समान अवधि में यह ₹7,074.82 करोड़ थी। यानी कंपनी के राजस्व में भी मजबूत वृद्धि देखने को मिली।
MRF ने बताया कि बिक्री में वृद्धि मुख्य रूप से घरेलू बाजार में मजबूत मांग और निर्यात कारोबार में सुधार के कारण हुई। भारत में ऑटोमोबाइल सेक्टर की रिकवरी और कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में बढ़ती गतिविधियों ने टायर उद्योग को मजबूती दी है।
हालांकि, कंपनी के कुल खर्च भी बढ़े हैं। चौथी तिमाही में कुल खर्च ₹7,267.51 करोड़ तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष इसी अवधि में ₹6,531.04 करोड़ था। कच्चे माल, ऊर्जा और लॉजिस्टिक्स लागत में बढ़ोतरी इसका प्रमुख कारण मानी जा रही है। इसके बावजूद कंपनी ने मजबूत लाभ दर्ज किया, जो उसके बेहतर ऑपरेशनल मैनेजमेंट को दर्शाता है।
MRF के बोर्ड ने शेयरधारकों के लिए ₹10 फेस वैल्यू वाले प्रत्येक शेयर पर ₹229 के अंतिम डिविडेंड की सिफारिश भी की है। यह डिविडेंड आगामी वार्षिक आम बैठक (AGM) में शेयरधारकों की मंजूरी के बाद दिया जाएगा।
पूरे वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें तो कंपनी का एकीकृत शुद्ध लाभ बढ़कर ₹2,426.1 करोड़ हो गया, जबकि FY25 में यह ₹1,873.29 करोड़ था। वहीं सालाना राजस्व भी ₹28,153 करोड़ से बढ़कर ₹31,149.01 करोड़ पहुंच गया। यह दर्शाता है कि कंपनी ने पूरे वर्ष मजबूत विकास दर्ज किया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स, बढ़ती वाहन बिक्री और ग्रामीण बाजारों में मांग बढ़ने से टायर उद्योग को आने वाले समय में भी फायदा मिल सकता है। MRF, जो भारत की सबसे बड़ी टायर निर्माता कंपनियों में से एक है, इस बढ़ती मांग का लाभ उठाने की स्थिति में दिखाई दे रही है।
कंपनी इलेक्ट्रिक वाहन (EV) सेगमेंट पर भी लगातार फोकस कर रही है और नए जमाने के वाहनों के लिए टायर विकसित कर रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले वर्षों में EV और प्रीमियम वाहन बाजार में वृद्धि MRF जैसी कंपनियों के लिए नई संभावनाएं खोल सकती है।
शेयर बाजार में भी कंपनी के नतीजों को सकारात्मक माना गया। निवेशकों ने मजबूत मुनाफे और उच्च डिविडेंड घोषणा को कंपनी की वित्तीय मजबूती का संकेत बताया।
कुल मिलाकर, MRF का चौथी तिमाही का प्रदर्शन भारतीय ऑटो और टायर उद्योग की मजबूत रिकवरी को दर्शाता है। बढ़ती मांग, बेहतर बिक्री और मजबूत वित्तीय प्रबंधन के चलते कंपनी आने वाले समय में भी सकारात्मक वृद्धि बनाए रखने की उम्मीद कर रही है।

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